ये कशमकश, ये आग़ाज़, ये बेखुदी, ये मिज़ाज़
तस्सवुर के ये सिलसिले, गुमसुम से अल्फ़ाज़
वो ख़्वाबों की अठखेलियाँ, तन्हाई की परवाज़
ये बेचैन शबें، और..... वो माज़ी की आवाज़
ये कशमकश, ये आग़ाज़, ये बेखुदी, ये मिज़ाज़
तस्सवुर के ये सिलसिले, गुमसुम से अल्फ़ाज़
वो ख़्वाबों की अठखेलियाँ, तन्हाई की परवाज़
ये बेचैन शबें، और..... वो माज़ी की आवाज़